आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ
(राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की एक इकाई)
आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ
A Unit of National Council of Science Museums

हमारे बारे में  >>  कार्यकाल

1989

• आंचलिक विज्ञान केंद्र, लखनऊ राष्ट्र को 7 सितम्बर 1989 को उत्तर प्रदेश के तत्कालीन माननीय मुख्यमंत्री श्री एन. डी. तिवारी द्वारा, भारत सरकार के संस्कृति विभाग की राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा साही की उपस्थिति में समर्पित किया गया।
• “द्रव विज्ञान ”, “लोकप्रिय विज्ञान” तथा बाह्य “साइंस पार्क” जैसी प्रमुख दीर्घाओं का उद्घाटन।

1995

विज्ञान को रोचक एवं सहभागितापूर्ण तरीके से प्रस्तुत करने हेतु “मनोरंजन विज्ञानं दीर्घा” का उद्घाटन 20 मई को किया गया।

1996

8 फरवरी से 24 मार्च 1996 तक आंचलिक विज्ञान केंद्र, लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय स्तर की भ्रमणशील प्रदर्शनी “डायनासोर्स अलाइव” का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 2.5 लाख दर्शकों ने सहभागिता की।.
• प्रदर्शनी में जीवंत आकार के चलायमान डायनासोर मॉडल, मल्टीमीडिया प्रस्तुतियाँ, जीवाश्म प्रदर्शन एवं शैक्षिक गतिविधियाँ आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं।

2004

“लोकप्रिय विज्ञान दीर्घा” का व्यापक नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण किया गया, जिसमें नवीन इंटरैक्टिव प्रदर्शों को जोड़ा गया।

2005

“मनोरंजन विज्ञानं दीर्घा” का मार्च माह में नवीनीकरण कर नए सहभागितापूर्ण प्रदर्श स्थापित किए गए।
28 नवम्बर से 9 दिसम्बर तक “पर्यावरण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा तथा उद्योग सेवा –आई टी आर सी ” विषयक अस्थायी प्रदर्शनी का आयोजन।

2006

27 फरवरी से 30 मार्च तक “बर्ड फ्लू का प्रकोप” विषय पर विशेष अस्थायी प्रदर्शनी आयोजित कर जन-जागरूकता फैलायी गई।
29 मार्च को “आंशिक सूर्य ग्रहण” विषयक प्रदर्शनी का आयोजन कर जनता में वैज्ञानिक जागरूकता उत्पन्न की गई।

2007

• आंचलिक विज्ञान केंद्र को उन्नत कर “आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ” के रूप में विकसित किया गया तथा 21 सितम्बर 2007 को उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मंत्री श्री नकुल दुबे द्वारा, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् के महानिदेशक श्री इंगित मुखर्जी की उपस्थिति में राष्ट्र को समर्पित किया गया।
• “अंडरवाटर एक्सप्लोरेशन”, “बीइंग ह्यूमन” एवं “बायोटेक्नोलॉजिकल रिवोल्यूशन” जैसी नई थीम आधारित दीर्घाओं का उद्घाटन।
• अत्याधुनिक “साइमैक्स थिएटर”, “3-डी साइंस शो” तथा “वॉक-थ्रू मछलीघर” जैसी सुविधाओं की शुरुआत।
• विज्ञान पार्क का विस्तार एवं नवीन शैक्षिक एवं मनोरंजक अधोसंरचना का विकास।

2008

“द्रव विज्ञान दीर्घा” का नवीनीकरण कर द्रव विज्ञान से संबंधित आधुनिक इंटरैक्टिव प्रदर्श स्थापित किए गए।

2009

19 दिसम्बर को “पदार्थों की अद्भुत दुनिया दीर्घा” का उद्घाटन, जिसमें पदार्थ विज्ञान एवं आधुनिक तकनीकों पर आधारित प्रदर्श लगाए गए।

2012

24 दिसम्बर को “जल- हमारा जीवन” गैलरी का उद्घाटन, जिसमें जल संरक्षण, पर्यावरण एवं सतत विकास से संबंधित प्रदर्श प्रस्तुत किए गए।

2015

विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विज्ञान लोकप्रियकरण हेतु “Understanding Mathematics” नामक मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी इकाई का विकास।

2016

• विद्यार्थियों एवं युवा नवप्रवर्तकों में रचनात्मकता एवं वैज्ञानिक प्रयोगशीलता को प्रोत्साहित करने हेतु 4 जनवरी को “नवप्रवर्तन केंद्र” की स्थापना।
• 14 नवम्बर को बच्चों के लिए विशेष रूप से विकसित “बाल दीर्घा” का उद्घाटन।

2019

विज्ञान संचार एवं आउटरीच गतिविधियों को सुदृढ़ करने हेतु “ऊर्जा: मानव जाति की जीवनरेखा” तथा “ऊर्जा: आम जीवन में मशीनें” नामक नई मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी इकाइयों का विकास।

2020

20 फरवरी को “खेल और फ़िटनेस दीर्घा” का उद्घाटन, जिसमें खेल विज्ञान, शारीरिक दक्षता एवं मानव प्रदर्शन से संबंधित इंटरैक्टिव प्रदर्श स्थापित किए गए।

2024

• उत्तर प्रदेश भर में विज्ञान कार्यशालाओं, नवाचार गतिविधियों, आकाश दर्शन कार्यक्रमों, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह एवं विषयगत विज्ञान प्रदर्शनों के माध्यम से शैक्षिक आउटरीच कार्यक्रमों का विस्तार।
• सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण एवं विज्ञान संचार गतिविधियों के माध्यम से जनसहभागिता को बढ़ावा दिया गया।

2025

• “प्रागैतिहासिक जीवन पार्क” का विकास एवं सार्वजनिक उद्घाटन, जिसमें जीवन आकार के डायनासोर मॉडल एवं आकर्षक प्रकाश और ध्वनि शो को शामिल किया गया।
• अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित उन्नत “साइमैक्स थिएटर” का उद्घाटन 12 दिसम्बर 2025 को उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह द्वारा किया गया।

2026

28 जनवरी 2026 को “नॉलेज ऑन स्फीयर” सुविधा का उद्घाटन, जिसमें पृथ्वी प्रणाली, खगोल विज्ञान, जलवायु एवं ग्रह विज्ञान की जानकारी उन्नत गोलाकार प्रक्षेपण तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत की जाती है।

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