आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ
(राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की एक इकाई)
आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ
A Unit of National Council of Science Museums

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उत्पत्ति
आंचलिक विज्ञानं नगरी लखनऊ राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (NCSM) की एक इकाई है, जो संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्था है। यह एनसीएसएम के उत्तरी क्षेत्रीय मुख्यालय, राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है तथा आज उत्तरी भारत में अनौपचारिक विज्ञान शिक्षा के प्रमुख केन्द्रों में से एक के रूप में स्थापित है।
इस संस्थान की स्थापना उत्तर प्रदेश में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने तथा विज्ञान संचार के एक सशक्त केन्द्र के निर्माण के उद्देश्य से की गई थी। प्रारम्भ में इसे ‘आंचलिक विज्ञान केन्द्र, लखनऊ’ के रूप में स्थापित किया गया और 7 सितम्बर 1989 को तत्कालीन उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री एन. डी. तिवारी द्वारा, भारत सरकार के संस्कृति विभाग की राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा साही की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्र को समर्पित किया गया। यह राज्य के लोगों तक इंटरैक्टिव विज्ञान शिक्षा पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ। वर्षों के दौरान जनसहभागिता और आधुनिक विज्ञान शिक्षा सुविधाओं की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए केन्द्र की गतिविधियों और अधोसंरचना का विस्तार किया गया।
इसकी प्रगति और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इसे उन्नत कर ‘आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ’ का स्वरूप प्रदान किया गया तथा 21 सितम्बर 2007 को उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन संस्कृति, नगर विकास, शहरी समग्र विकास, संस्थागत वित्त, व्यापार कर, मनोरंजन कर एवं पर्यावरण मंत्री श्री नकुल दुबे द्वारा, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के महानिदेशक श्री इंगित मुखर्जी की उपस्थिति में राष्ट्र को समर्पित किया गया।
विज्ञान पार्क की हरित एवं मनोहारी वातावरण के मध्य एक आधुनिक एवं आकर्षक नई विंग का निर्माण किया गया। इस विस्तार के अंतर्गत तीन विशाल थीम आधारित गैलरियाँ अंडरवाटर एक्सप्लोरेशन, बायोटेक्नोलॉजिकल रिवोल्यूशन तथा बीइंग ह्यूमन स्थापित की गईं। साथ ही अत्याधुनिक सुविधाओं जैसे बड़े प्रारूप का साइमैक्स थिएटर, 3-डी साइंस शो तथा अनेक इंटरैक्टिव प्रदर्शों को जोड़ा गया, जिससे विज्ञान को सभी आयु वर्गों के लिए रोचक, आनंददायक और सुलभ बनाया जा सके।
लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में फैले इस विज्ञान नगर का निर्मित क्षेत्रफल लगभग 8,640 वर्गमीटर है। यहाँ गैलरियों, आउटडोर प्रदर्शों, विज्ञान पार्कों तथा अनुभवात्मक शिक्षण स्थलों के माध्यम से शिक्षा और मनोरंजन का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया गया है। यह विद्यालयी समूहों, परिवारों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य बन चुका है।
संस्थान द्वारा समय-समय पर विज्ञान प्रदर्शन, नवाचार कार्यशालाएँ, हॉबी कैंप, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम, आकाश अवलोकन सत्र, मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। इन सतत प्रयासों के माध्यम से लाखों युवाओं में जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है।
आज प्रतिवर्ष 4.5 लाख से अधिक आगंतुक इसकी गैलरियों, शो और शैक्षणिक कार्यक्रमों का लाभ प्राप्त करते हैं, जबकि स्थापना के बाद से अब तक 60 लाख से अधिक लोग इस केन्द्र का भ्रमण कर चुके हैं। इस प्रकार रीजनल साइंस सिटी, लखनऊ राज्य की राजधानी में एक प्रमुख विज्ञान संचार केन्द्र स्थापित करने की एनसीएसएम की परिकल्पना का सफल परिणाम है, जो खोज, नवाचार और वैज्ञानिक चेतना की भावना से निरंतर नई पीढ़ियों को प्रेरित कर रहा है।

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