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लखनऊ में स्थित आंचलिक विज्ञान नगरी वैज्ञानिक अध्ययन एवं अन्वेषण का एक जीवंत केंद्र है, जो भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (NCSM) की एक इकाई है। मूल रूप से वर्ष 1989 में आंचलिक विज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित इस संस्था को बाद में इसके वर्तमान “आंचलिक विज्ञान नगरी” के रूप में उन्नत किया गया जिसमे साईमैक्स थिएटर, 3-डी शो, समुद्री जल मछली घर, जैसी विश्वस्तर की सुविधाओ को जोड़ा गया और 21 सितंबर 2007 को इसका आधिकारिक उद्घाटन किया गया। अपने उद्घाटन के बाद से यह केंद्र बड़ी संख्या में छात्रों, शिक्षकों और आगंतुकों को आकर्षित करता रहा है तथा एक ऐसा रोमांचक वातावरण प्रदान करता है, जहाँ विज्ञान व्यावहारिक, रोचक और सहभागी शिक्षण के माध्यम से जीवंत हो उठता है।
अलीगंज विस्तार (सेक्टर ई, एकता विहार) में 10 एकड़ के हरे-भरे परिसर में फैला, यह केंद्र इंटरैक्टिव दीर्घाओं, बाहरी विज्ञान प्रदर्शनियों, साईमैक्स शो और गतिविधि क्षेत्रों का एक प्रेरणादायक मिश्रण प्रस्तुत करता है, जो सभी उम्र के आगंतुकों में जिज्ञासा को पोषित करने, रचनात्मकता को प्रज्वलित करने और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
विभिन्न दीर्घाएँ विविध वैज्ञानिक विषयों को शामिल करते हुए आकर्षक अनुभव प्रदान करती हैं। साइमैक्स थिएटर, एक विशाल विज्ञान एवं प्रागैतिहासिक पार्क अव, ध्वनि एवं प्रकाश शो, के.ओ.एस, 3-डी शो के साथ, आंचलिक विज्ञान नगरी एक समृद्ध वातावरण प्रदान करती है जहाँ सीखना एक रोमांचक अनुभव बन जाता है। व्यावहारिक प्रदर्शनियों और लाइव प्रदर्शनों से लेकर खगोल विज्ञान सत्रों और शैक्षिक कार्यशालाओं तक, हर यात्रा खोज, अन्वेषण और विस्मय के द्वार खोलती है।





